तुम्हारे होने और ना होने के बीच जो भी कुछ था तुम्हारे होने और ना होने के बीच जो भी कुछ था
प्रखर है बस एक तुम्हारा वो चाहेगा बस एक तुम्हीं को ! प्रखर है बस एक तुम्हारा वो चाहेगा बस एक तुम्हीं को !
तुम मुझसे अलग कहाँ तुम मुझसे अलग कहाँ
गैरों के लिए खुद को मिटाकर अपना स्वर्ण सर्वस्व लुटाकर। गैरों के लिए खुद को मिटाकर अपना स्वर्ण सर्वस्व लुटाकर।
उन्होंने ही बनाया भारत को महान उन वीरों को मेरा सलाम। उन्होंने ही बनाया भारत को महान उन वीरों को मेरा सलाम।
आखरों को सदैव तुम्हारे होंठों पर रखना चाहता हूँ ! आखरों को सदैव तुम्हारे होंठों पर रखना चाहता हूँ !